संदेश

वर्तमान हालात पर नवयुवकों के नाम खुला खत

माननीयों का महाचुनाव....!!

लगातार चलना ही सफलता का मूलमंत्र

लोकोक्ति और लोकाचार में लोकजीवन- (कन्नौजी परिपेक्ष्य में)

कन्नौजी मुक्तक

जिसने अंर्त दीप जालाया

दूर के रसगुल्ले , पास के गुलगुले ...!!

माँ

कमाल आमरोही निकले

संस्मरण : सत्य घटना का

लगी आस हुलास हिए - ड़ा प्रखर

चार कांधों की दरकार

आख़िर पत्थर स्याह संगाती

‘ऋषि दयानन्द जी का संन्यासियों को उनके कर्तव्यबोध विषयक उपदेश’

संपादक के नाम पत्र - दिलीप भाटिया

‘गुरुकुल पौंधा देहरादून द्वारा हरयाणा व पंजाब के ग्रामों में वेद प्रचार’

गलतफहमी (लघु कथा)

‘श्रेय मार्ग में प्रवृत्ति व प्रेय मार्ग में निवृत्ति ही मनुष्य का कर्तव्य’